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इतिहास के पन्ने

कम्पास के इतिहास को समझना

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A radio broadcasting studio with a mixing console and microphone is shown, representing Hindi news production.
Photo: Broadcast Studio (53998133689) by Ethan Long (CC BY-SA 2.0), via Openverse

कम्पास के शुरुआती रूप का इस्तेमाल प्राचीन चीन में हुआ माना जाता है, जहाँ चुम्बकीय पत्थर के गुणों को देखकर यह समझा गया कि यह हमेशा एक खास दिशा की ओर संकेत करता है। शुरुआत में इसका इस्तेमाल दिशा बताने से ज्यादा भविष्यवाणी और भूमि से जुड़े कामों में हुआ।

बाद की सदियों में इसका असली महत्व समुद्री यात्राओं में समझा गया, जहाँ तारे या तट दिखाई न देने पर भी नाविक कम्पास की मदद से सही दिशा तय कर पाते थे। इससे लंबी और खुले समुद्र की यात्राएँ पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बन गईं।

कम्पास के प्रसार ने खोज और व्यापार दोनों को नई रफ्तार दी, क्योंकि नाविक अब बिना जमीन देखे भी लंबी दूरी तय करने का साहस जुटा सके। यही कारण है कि इतिहासकार इसे नौवहन तकनीक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनते हैं।

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